भारत माता हमसे सवाल पुछती
गंगा मैय्या पल पल रोती
पहाड पर्वत करवटे बदलते
मोदी जी अगर तुम ना होते |
आधी जनता भूखी सोती
बुँझ जाती उम्मीद की बाती
हम एक दुसरे का खून पिते
मोदी जी अगर तुम ना होते |
फुलो की गंध बिक जाती
अग्नी की ज्वालाएं थक जाती
लाशो को जलाते जलाते
मोदी जीअगर तुम ना होते |
धरती माँ रोज तिलमिलाती
सारी राते हमे रुलाती
पंछी अपना घोसला भूल जाते
मोदी जी अगर तुम ना होते |
ये मंद हवा हमसे रुठ जाती
कवि देविदास की कलम रुक जाती
कोरोना का इतिहास लिखते लिखते
मोदी जी अगर तुम ना होते |
श्री देविदास भिका पाटील
श्रीमती हि.गो.श्रॉफ हायकूल नंदुरबार
संपर्क .8459591887